स्वदेश बांधव समिति के संस्थापक प्रसिद्ध शिक्षाविद और समाजसेवी
अश्विनी कुमार दत्त थे। उन्होंने 6 अगस्त, 1905 को बंगाल विभाजन के बाद, बरिशाल (वर्तमान बांग्लादेश) में स्वदेशी वस्तुओं की खपत को बढ़ावा देने और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने के उद्देश्य से इस समिति की स्थापना की थी।
स्वदेश बांधव समिति के बारे में मुख्य तथ्य:
- उद्देश्य: स्वदेशी उत्पादों का प्रचार, विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार, और ग्रामीण विकास।
- संस्थापक: अश्विनी कुमार दत्त, जो स्वामी विवेकानंद के अनुयायी थे।
- गतिविधियाँ: समिति ने अपनी दुकानें खोलीं, विवादों को सुलझाया और 'बरिशाल हितैषी' नामक साप्ताहिक पत्र प्रकाशित किया।
- महत्व: यह समिति स्वदेशी आंदोलन के दौरान बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत सक्रिय और प्रभावशाली थी।